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Showing posts from April, 2021

5 प्रकार के ऊनी कपड़े हर किसी को बना सकते हैं स्टाइलिश

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 सर्दियों का मौसम प्रतिवर्ष आता है और हर बार अपने साथ नए फैशन से जुड़े ढेर सारी डिजाइन के कपड़े लेकर आता है। या फिर यूं कहें कि हर वर्ष सर्दियों के मौसम में मार्केट में तथा डिजाइनर द्वारा कैसे कपड़े डिजाइन की जाती हैं और मार्केट में भी देखे जाते हैं बहुत ही फैशनेबल और स्टाइलिश होती हैं साथ ही पहनने पर हमें गर्माहट प्रदान करते हैं और ठंड से हमारी सुरक्षा करते हैं। कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि ठंड से बचने के लिए कपड़ों की ढेर सारी परतें अपने ऊपर लपेट कर घूमें इसलिए वह मोटे कपड़े की एक ऐसा परिधान कुछ होता है जो सर्दियों से उसकी हिफाजत कर सके। परंतु वर्तमान समय में कोई भी फैशन के आगे कुछ भी नहीं देखता सर्दियों की कठोर ठंड को भी नहीं फिर चाहे वह उसने बीमारी क्यों न पड़ जाए। इसीलिए जो कपड़े ठंड से हमारी सुरक्षा करते हैं उनको कलात्मक तरीके से तैयार कर सभी के इच्छाओं की पूर्ति की जाती है। जो सिर्फ देखने में ही खूबसूरत नहीं पहनने के बाद भी खूबसूरत नजर आते हैं। सर्दियों में विशेष रूप से ऊन के बने कपड़ों का उपयोग किया जाता है। यह ऊन भेड़ व याक आदि के बालों से बनाया जाता है।उन के बने कपड़े ...

फैशन इंडस्ट्री में उपयोग होने वाले 14 बेहतरीन कपड़ों की वैरायटी और विशेषताएं

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क्या जानते हैं कि फैशन उद्योग में फैशन डिजाइनर द्वारा जो कपड़े डिजाइन किए जाते हैं वो कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम क्या है? उनकी पहचान कैसे होती है? आज हम इसके बारे में बात करते हैं क्योंकि इसका ज्ञान हमें होना बहुत ही आवश्यक है वह इसलिए कि अपने शरीर को ढकने के लिए तो हर कोई कपड़े पहनता है। साथ ही वह हर वक्त यह सोचता है कि वो किस तरह के कपड़े पहने जो उसे औरों से अलग खूबसूरत दिखने में मदद कर सके। मौसम के साथ-साथ कपड़े के बदलते रहते हैं उनका स्टाइल पहनने का तरीका भी पहले से जुदा होता है। बदलाव के कारण वे हमारे लिए आरामदायक और सुविधाजनक भी होते हैं। फैब्रिक यानी कपड़ा का सबसे सही ज्ञान फैशन डिजाइनर को ही होता है क्योंकि फैशन डिजाइनिंग के कोर्स में उसे कपड़ों से जुड़े हर तरह का ज्ञान कराया जाता है। फैशन डिजाइनर के अलावा कुछ लोगों को कपड़े के बारे में बहुत सारी जानकारियां होती हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनको कम मालूम होता है जिसे वे लोग कपड़े खरीदने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं। इसके बारे में जितना मुझे मालूम है वह आज मैं आपको बताने जा रही हूं। कपड़े के प्रकार, विशेषताएं और उन्हें कब ...

बदलते फैशन के इस दौर मे संगीत भी होता जा रहा है फैशनेबल

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फैशन का स्वरूप कब और कैसे बदल जाए इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता यह बात तो सभी जानते हैं। संगीत का फैशन और उसका महत्व आज हम बात करते हैं संगीत संगीत यानि संगीत के बारे में जो किस प्रकार बदलकर आधुनिक हो रहा है। पहले के समय में और अब के समय में धीरे धीरे कितना फर्क आ गया है। संगीत बन चुका है युवा पीढ़ी का शौक संगीत को सुनना और गाना सभी को पसंद होता है। शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जो संगीत पसंद ना हो।परंतु संगीत के मामले में भी लोगों की पसंद अलग होती है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पुराने गाने पसंद आते हैं और कुछ लोगों को सिर्फ नहीं करें पसंद होते हैं।  संगीत अथवा गाने हर भाषा में होते हैं किसी को हिंदी गाने पसंद आते हैं, किसी को इंग्लिश, मराठी, पंजाबी अथवा अरेबिक गाने पसंद आते हैं। इसके साथ ही आधुनिक युवा पीढ़ी को ज्यादातर रॉक सॉन्ग, सैड सॉन्ग, रोमांटिक सॉन्ग तथा पार्टी सॉन्ग आदि पसंद आते हैं। उन्हें किसी भी गाने को सुनने पर अक्सर ऐसा आभास होता है कि यह गीत हमारे जीवन से मिलता जुलता है और और वह उस संगीत में डूब जाता है।   संगीत सुनने से भी होते हैं ढेरों लाभ संगीत हमारे लिए कई प्रका...

फैशन की दुनिया में दर्पण कढ़ाई ने ले लिया है नया रुप

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 अबला कढ़ाई की उत्पत्ति भारत देश के गुजरात शहर से शुरू हुई थी। वहां के लोग बड़े शौक से अपने कपड़े और जरूरत पर सजावटी सामानों पर यह कढ़ाई करते थे। फिर धीरे-धीरे करके पूरे विश्व में फैलती गया। एक समय में जो लोगों की पसंद था अब वह फैशन हब में भी प्रवेश कर चुका है।यह फैशन का एक हिस्सा बन गया है जो आज भी विश्व प्रसिद्ध है। अबला कढ़ाई में कांच या प्लास्टिक के प्रतिबिंब टुकड़ों को गोल, चौकोर व त्रिकोण आकार में कटे हुए बाजार में उपलब्ध होते हैं। फेविकोल के माध्यम से कपड़ों पर इसे चिपकाया जाता है फिर रेशम ऊनी व अनेक फैंसी धागों के माध्यम से कपड़ों पर अबला के चारों ओर कढ़ाई की जाती है। फैंसी धागे भी कई किस्म के आती हैं। इनकी वैरायटी और कलर में विभिन्नता पाई जाती है। जिनसे अबला कढ़ाई की जाती है यह कपड़े के अलावा बहुत सी चीजें ऐसे हैं जिन पर इन से कढ़ाई की जाती है जो इस प्रकार हैं। दर्पण कढ़ाई किया हुआ मेज व‌ कुर्सियां    आज के समय में हर किसी को मेज में कुर्सियों का नाम सुनते ही दिमाग में वही ख्याल आता है जो उसने देखा हो। आमतौर पर खाने की मेज और कुर्सियां लकड़ी, प्लास्टिक व स्टील की...

सब्यसाची के साड़ी कलेक्शन में शामिल कुछ प्रमुख मशहूर साड़ियां 2020

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 साड़ी एक ऐसा पहनाव है जो सबसे ज्यादा भारत में ही पहनी जाती है। भारतीय औरतें इस पहनावे को सबसे ज्यादा महत्व देती हैं और यह कभी भी फैशन के बाहर नहीं होता। भारत में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध थे मशीनों और हथकरघा द्वारा निशानियां है इसके अलावा नेट जॉर्जेट शिफॉन आदि की बनी साड़ियों को भी लोग बहुत महत्व देती हैं इनका फैशन दिन प्रतिदिन बदलता रहता है इनके पहनने का तरीका हर शहर व देश में लगने हैं।  ज्यादातर विवाहित औरतें साड़ी को ही पहनती है और साड़ी की ढेरों डिजाइन और प्रकार को देखते हुए साड़ी का महत्व और बढ़ता जा रहा है आजकल फैशनेबल और स्टाइलिश दिखने के लिए शादी, रिसेप्शन तथा विभिन्न अवसर आदि में कुंवारी लड़कियों भी साड़ी पहन रही है। अगर आप अभी साड़ी पहनने का शौक है और आप समझ नहीं पा रही कि किस तरह की साड़ी सबसे अच्छी लगेगी तो आज इस आर्टिकल को एक बार जरूर पड़ेगा यह आपकी बहुत काम आ सकती है। सब्यसाची साड़ी का कलेक्शन सब्यसाची मुखर्जी के साड़ी कलेक्शन में सुहागन स्त्रियों व लड़कियों के लिए सबसे खूबसूरत साड़ियों का कलेक्शन है। फिर वह साड़ी उसकी शादी के लिए हो जो दूसरों की शादी में पहनने के लि...

'फैशन मैनेजमेंट का मास्टर' क्या होता है? विषय, संस्था और भविष्य के लाभ की पूरी जानकारी

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 'मास्टर ऑफ फैशन मैनेजमेंट' की डिग्री फैशन प्रबंधन से जुड़े विभिन्न व्यवसाय में उन्नति करने के लिए अति आवश्यक है। वर्तमान समय में फैशन से जुड़े हुए हैं में  सबसे दिलचस्प और प्रचलित व्यवसाय में से एक है। फैशन सेे जुड़े हर चीज की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसीलिए आज के समय में फैशन प्रबंधन के व्यवसाय अति आवश्यक और जरूरी हो चुके हैं। फैशन मैनेजमेंट का प्रमुख कार्य होता है कि मीडिया और विज्ञापन द्वारा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाए और उसके प्रति लोगोंं को जागरूक करें और बाजार में उत्पादन केेेेे विपणन की मांग को बढ़ाएं। ' फैशन मैनेजमेंट का मास्टर' किसे कहते हैं?  फैशन प्रबंधन के अंतर्गत ऐसी जानकारी दी जाती है जिसमें प्रबंधकीय गुणवत्ता का प्रत्येक कार्यक्रम को बताया जाता है जो प्रबंधन अपेक्षाओं को पूरा करता है। फैशन प्रबंधन  में मार्केटिंग और बिक्री तथा फैशन व्यवसाय से जुड़ी छोटी-बड़ी चीजों के बारे में ज्ञात  कराया जाता है जो कलात्मक व रचनात्मक तरीके से वह छात्र मार्केटिंग को नया रूप देने और नए-नए आविष्कार करने में सक्षम हो सके।  फैशन उद्योग के 2 साल के प...

सदाबहार स्कर्ट का फैशन कब होता है पुराना? 2020

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फैशन उद्योग में स्कर्ट का फैशन हमेशा से हर लड़की का पसंदीदा कपड़ा रहा है। फैशन उद्योग में हमेशा बदलाव आता रहता है परंतु इसका फैशन कभी खत्म नहीं होता और ना बदलता है। बल्कि हमेशा रहता है। हां, कुछ भी थोड़ी बहुत कुछ ना कुछ नया होता है हमेशा फैशन के ट्रेंड में देखने को मिलता है। इसीलिए स्कर्टस होती है लड़कियों की पसंदीदा कलेक्शन में शामिल स्कर्ट पहनते हुए ज्यादातर टेलीवुड और बॉलीवुड के अभिनेत्रियों को देखते हैं फिर हर लड़की उनकी ड्रेसिंग स्टाइल को अनुसरण करती है इसके अलावा हर लड़की के वार्डरोब में कपड़ों का कलेक्शन के साथ स्कर्ट का भी कलेक्शन शामिल होता है इसे पहनने से स्टाइलिश और आकर्षित दिखने में मदद होती है। वैसे तो स्कर्ट प्रत्येक लड़कियां पहन सकती है।चाहे उनकी लंबाई कम हो, मध्यम हो या बहुत हो। बस उनका पहनने का तरीका एक दूसरे से भिन्न होना चाहिए। ज्यादा लंबी लड़कियों पर स्कर्ट क जचता है और कम या मध्यम हाईट की लड़की हील्स पहनकर आकर्षित दिख सकती है। स्कर्ट को कभी भी पहले जा सकता है यह पार्टी वियर भी होती है और दिल्ली में अभी और सही तरीके से पहले जाए तो इसे शादी व रिसेप्शन में भी पहन सकते...

बच्चों के लिए इन दो प्रकार के उबटन बहुत फायदेमंद साबित हुए हैं।

जिस तरह उबटन हमारे चेहरे और बाकी त्वचा के लिए लाभदायक होता है उसी प्रकार बच्चों के लिए भी यह उबटन बहुत फायदेमंद होता है। हर मां अपने बच्चे को हर तरीके से खूबसूरत देखना चाहती है और उसे खूबसूरत बनाना के लिए हर वह प्रयत्न करता है जो उसे मालूम होना चाहिए। उसकी हर तरह से देखभाल करता है  वर्तमान समय में बच्चों की त्वचा की देखभाल और सुरक्षा के लिए तरह-तरह के क्रीम, पाउडर और उबटन हर बाजार में उपलब्ध होते हैं, जिससे बच्चों की मालिश की जाती थी।उनकी जरूरत के लिए आवश्यक प्रोडक्ट उपलब्ध होते हैं।मॉडर्न जमाने के साथ-साथ हर चीज फैशनेबल हो गया है।  परन्तु पुराने जमाने में ऐसा बिल्कुल नहीं था। बच्चों की त्वचा की सुरक्षा के लिए, उनकी त्वचा को मुलायम और आकर्षक बनाने के लिए उबटन को उपयोग में लाया जाता था। उनकी मालिश की जाती थी।छोटे बच्चों को मालिश करना बहुत आवश्यक होता है और ऐसा ना करने पर उनका पूरा शरीर कमजोर रहता है मालिश करने से उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं और उनका शरीर स्वस्थ रहता है उबटन से मालिश कर बच्चों की खूबसूरती को निखारा जाता था। बच्चो की त्वचा बहुत नाजुक और मुलायम होती है ऐसे में जन्...

सरसों के दाने से बने उबटन मैं कौन-कौन से गुण शामिल होते हैं और यह किस प्रकार हमारी त्वचा के लिए लाभदायक होता है?

 सरसों का नाम हम में से सभी ने सुना है। यह हमेशा हमारे रसोई में उपलब्ध होता है। सरसों के तेल के फायदे तो हम सभी जानते हैं। सरसों के दानों से सरसों का तेल बनाया जाता है जिसका इस्तेमाल हर घर में होता है। इसके अलावा सरसों को सब्जी में छौंका लगाया जाता है और खाने मे सरसों का तड़का लगाया जाता है।जो पूरी खाने का स्वाद बदलकर और स्वादिष्ट बना देता है। सरसों का उपयोग सिर्फ भारतीय खाना बनाने में किया जाता है।खाने के अलावा सरसो के दिनों से उबटन बनाया जाता है। उसमें सरसों के तेल को ही मिलाया जाता है।जो हमारी त्वचा के लिए बहुत उपयोगी और लाभदायक होता है।यह हमारी त्वचा पर पड़ने वाली अनेक नुकसान और समस्याओं को दूर करता है और हमारी त्वचा की हिफाज़त करता है। सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे आ रहा है और सब की त्वचा रूखी और बेजान नजर आ रही है सबके होंठ और चेहरे दम रूखे पड हुए हैं। ऐसे में उन में नमी और ताजगी बरकरार रखने के लिए यह उबटनन बेहद लाभदायक और रोगमुक्त होता है। इसे लगाने से त्वचा मुलायम बनी रहती है।  सिर्फ सर्दियों में ही नहीं गर्मियों केेे मौसम मेंं भी यह अनेक तरह से त्वचा को लाभ पहुंचाता है।ग...

फैशन का इतिहास कैसा था?

 फैशन का इतिहास यह नाम सुनते ही लोगों के मन में बहुत सारे सवाल आ जाते हैं कि इतिहास में कैसे कपड़े पहने जाते थे, कैसे उन्हें डिजाइन किया जाता था, कौन बनाता था, किस तरह से उन्हें सिला जाता था और वे कपड़े किस चीज के लिए पहनते थे। पहनने वाले थे। पहनने वाले थे। बने होते थे। यह सब जानकारी के लिए लोग सोचते हैं कि यह जाने के लिए कौन हमें बताएगा, कहां से, किससे पूछें और कैसे चलें। क्या हाल देश व शहर में अलग-अलग तरह के कपड़े पहने जाते थे, बच्चे कैसे कपड़े पहनते थे, क्या औरतें सिर्फ साड़ी पहनती थीं, आदमी का ड्रेस कैसा था। क्या वो लोग सिर्फ शरीर को ढकने के लिए कुछ भी, किसी भी तरह के कपड़े पहन लते थे या उनमें भी फैशन सेंस होता था आइए इस बारे में जानते हैं। फैशन का इतिहास विश्व का निर्माण होने के बाद सबसे पहले आदिमानव दुनिया में आया और वह अपने शरीर को ढकने के लिए घास, जानवरों के कपड़े, पेड़ के पत्ते और छालों का प्रयोग करते थे और फिर जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई वैसे ही पेड़ के पत्ते और छालें  की जगह कपड़ों का उपयोग होने लगा। उन कपड़ों को सुंदरता नामक शब्द से जोड़ दिया गया फैशन का आगमन धीरे-धीर...