बदलते फैशन के इस दौर मे संगीत भी होता जा रहा है फैशनेबल
फैशन का स्वरूप कब और कैसे बदल जाए इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता यह बात तो सभी जानते हैं।
संगीत का फैशन और उसका महत्व
आज हम बात करते हैं संगीत संगीत यानि संगीत के बारे में जो किस प्रकार बदलकर आधुनिक हो रहा है। पहले के समय में और अब के समय में धीरे धीरे कितना फर्क आ गया है।
संगीत बन चुका है युवा पीढ़ी का शौक
संगीत को सुनना और गाना सभी को पसंद होता है। शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जो संगीत पसंद ना हो।परंतु संगीत के मामले में भी लोगों की पसंद अलग होती है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पुराने गाने पसंद आते हैं और कुछ लोगों को सिर्फ नहीं करें पसंद होते हैं।
संगीत अथवा गाने हर भाषा में होते हैं किसी को हिंदी गाने पसंद आते हैं, किसी को इंग्लिश, मराठी, पंजाबी अथवा अरेबिक गाने पसंद आते हैं। इसके साथ ही आधुनिक युवा पीढ़ी को ज्यादातर रॉक सॉन्ग, सैड सॉन्ग, रोमांटिक सॉन्ग तथा पार्टी सॉन्ग आदि पसंद आते हैं। उन्हें किसी भी गाने को सुनने पर अक्सर ऐसा आभास होता है कि यह गीत हमारे जीवन से मिलता जुलता है और और वह उस संगीत में डूब जाता है।
संगीत सुनने से भी होते हैं ढेरों लाभ
संगीत हमारे लिए कई प्रकार से लाभदायक भी होता है। संगीत हमारे ऊबरु जीवन को आनंद में बनाते हैं, अच्छी नींद प्राप्त होती है, याददाश्त तेज होती है, विभिन्न परेशानी और तनाव को दूर करते हैं, यह हमारी खालीपन को दूर करता है, हमारे मानसिक थकावट को मिटा देता है और हमारे शरीर में नया जोश और उत्साह भर देता है। संगीत सुनने से दिल खुश होता है पूरी तरह की बीमारियां दूर रहती हैं। संगीत सुनने वाला व्यक्ति खुश मिजाज होता है और ऐसा व्यक्ति हर किसी को पसंद आता है।
प्राचीन और आधुनिक काल के संगीत में फर्क
प्राचीन काल में लोग संगीत गाते समय बांसुरी, तबला आदि जैसे यंत्र का उपयोग करती थी कहीं शादी विवाह में संगीत के समारोह में औरतें गाना गाकर और तबला ढोलक बजाकर समारोह पूरा करती थी और उसी में मनोरंजन करती थी परंतु पहले में अरब में बहुत फर्क हो चुका है। अब के समय में एंपलीफायर व स्पीकर आदि के माध्यम से गाना तेज आवाज में बजा कर मनोरंजन के साथ-साथ अनेक अवसरों को पूरा करते हैं। अपने खाली समय में गाने सुनना, राह चलते और गाड़ी चलाते हुए गाने सुनना तथा अपने काम में व्यस्त होते हुए भी गाने को लाउड स्पीकर में सुनते रहना आजकल का फैशन बन चुका है।
संगीत की कला वरदान है ना कि अभिशाप
संगीत एक ऐसी कला है जो हम सभी के अंदर पाई जाती है।कुछ लोगों की आवाज इतनी मधुर और सुरुली होती है कि हर कोई बस से सुनते रहना चाहता है। संगीत की कला से हम अपनी एक पहचान बना सकते हैं। दुनिया भर में संगीत से लेकर आने को प्रतियोगिताएं होती है जिसमें जीतने वाले का भविष्य उज्जवल होता है। दुनिया भर में मशहूर हो जाता है और धीरे-धीरे एक सर्वोत्तम संगीतकार बन जाता है। अगर सही से देखा जाए तो यह हमारे लिए एक वरदान है जो सौभाग्य से मिलता है।
संगीत बजाने का यंत्र भी हो गया है आधुनिक
संगीत का शौक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। आज के समय में ऐसे बहुत सारे यंत्र आ गए हैं जिसके करण गाने सुनते हैं एफएम रेडियो के माध्यम से गाने के साथ साथ पूरी दुनिया की खबरें भी सुन सकते हैं। आज की युवा पीढ़ी कोई भी काम करते समय मोबाइल और हेडफोन लगाकर गाना सुनते रहते हैं कुछ लोग लाउडस्पीकर में सुनते हैं इससे उनका काम भी आसानी से हो जाता है समय कब बीत जाता है का पता भी नहीं चलता और उन्हें ज्यादा थकावट भी महसूस नहीं होती।
आधुनिक जीवन में संगीत का महत्व
इसका हम सभी के जीवन में एक अलग ही महत्व होता है। भारतीय संगीत दुनिया भर में प्रसिद्ध है और भारतीय संगीत हर संगीत से पुरानी संगीत है जो धीरे-धीरे हर जगह व्यापक रूप से फैलती गयी हर जुबान पर इसके ही मधुर गीत सुनने को मिली और आज हमारे आधुनिक जीवन में शहर से ले कर गली व मोहल्ले में इसके ही गीत कानों में गूंजती है और सबके जुबान पर रहती है। बस उसका तरीका बदलकर नया हो गया है। कहते हैं कि संगीत के बिना जीवन अधूरा है संगीत हर किसी के रगों में बसा होता है कुछ भी जाकर बोलना या सुनाना संगीत का ही हिस्सा है। संगीत को सुनना किसी की आदत होती है तो किसी का शौक होता है। परन्तु इतना तय है कि संगीत हर व्यक्ति के जीवन से जुड़ा हुआ होता है।
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