वर्तमान समय मे मानव जीवन पर फैशन का दुष्प्रभाव

  वर्तमान समय में शासन इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि इस Fashion को रोकना असंभव सा लग रहा है। आज के दौर में फैशन जितना लाभकारी है उतना ही इसका दुष्प्रभाव मानव जीवन पर पड़ रहा है।

वर्तमान समय में हर इंसान खुद को फैशन के अनुरूप डाल रहा है जोकि अच्छा है परंतु हर चीज की एक सीमा होती है हद से ज्यादा कोई भी चीज हानिकारक हो सकता है फिर चाहे वह फैशन हो या और कुछ।

 आज के दौर में हर युवा वर्ग के लोग अपने से ज्यादा फैशन करने वाले लोगों को अनुसरण कर रहे हैं जिसने सबसे ऊपर फिल्म स्टार आते हैं मुझे ऐसा पहनते हैं।फिल्म स्टार पूरी दुनिया में प्रसिद्ध होने और धन कमाने की लालसा में कुछ भी कर सकते हैं। मांगे और पारदर्शी कपड़े पहनते हैं जो फैशन का हिस्सा बन जाता है और उनके फैंस उन्हें अनुसरण करते हैं। जिससे आए दिन समाज में रेप,गैंगरेप आदि होती रहती हैं।

इस फैशन का दुष्प्रभाव सिर्फ महिलाओं पर नहीं बल्कि पुरुषों पर भी बराबर से दिख रहा है।महिलाओं की तरह पुरुष भी अपने दिनचर्या में होने वाली हर चीजों को फैशनेबल बनाते जा रहे हैं। जूते से लेकर हेयर स्टाइल,स्टाइलिश कपड़े यहां तक की मेकअप में यूज होने वाले अनेक तरह के प्रोडक्ट जिससे वह गुड लुक ही देख सकें। इन सब चीजों में वह बिना सोचे समझे अपनी पॉकेट मनी, बचत किए हुए पैसे सभी खर्च कर देते हैं। और पैसे खत्म हो जाने के बाद गलत तरीकों से पैसे प्राप्त कर मुझे अपने जरूरतों की पूर्ति करते हैं ।

फैशन सिर्फ अपने तक ही सीमित ना होकर घर के हर एक चीज को अपने अनुसार नया रुप प्रदान कर रहा है। प्राचीन काल के लोग ऐसे भोजन ग्रहण करते थे जो उनके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो जिससे उनका शरीर स्वस्थ रहें।परंतु आज के समय में लोग ऐसी चीजें ग्रहण कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए उतना लाभदायक नहीं है परंतु fashion के trend में है। ऐसे भोजन खाते हैं जो शरीर को नुकसान देने वाली चीजों से बनी होती है।

Fashion के इस अंधाधुन बढ़ोतरी में मनुष्य के जीवन पर अनेक प्रकार के प्रभाव डाले हुए हैं। जिसका परिणाम घातक साबित हो रहा है इतना ही नहीं यह मनुष्य के जीवन में अनेक प्रकार की बाधाएं उत्पन्न कर रहा है जो उचित नहीं है।


धन का दुरुपयोग

बढ़ते फैशन के इस दौर में मानव जीवन पर प्रभाव डाल रखा है कि वह सही गलत में फर्क ही नहीं कर पा रहा है हर मनुष्य नाम की बीमारी बहुत तेजी से बढ़ रही है। वह खुद को फैशनेबल दिखाने के लिए कुछ भी कर सकता है लोगों में एक से बढ़कर एक दिखने की होड़ लगी हुई है।
हर मनुष्य चाहता है वह सब से अच्छा दिखें। उसके जैसा कोई ना हो। इसी प्रक्रिया में मनुष्य हर वक्त लगा रहता है जिससे उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है और वह उचित अनुचित का ज्ञान भूलता जा रहा है।
मनुष्य या सोचता है कि खूबसूरत और आकर्षक दिखने के लिए महंगे से महंगे कपड़े, अत्यधिक मूल्य वाले आभूषण इत्यादि खरीदते और पहनते है। ऐसी चीजें धनी व्यक्ति आसानी से खरीद सकते हैं।परंतु जो लोग गरीब होते हैं जिनके पास पैसे नहीं होते वह खुद को Fashionable दिखाने के लिए चोरी ,डकैती,लूटमार आदि करके पैसे इकट्ठा करते हैं। बहुत से लोग गैर कानूनी काम से पैसे कमा कर उन पैसों से अपने Fashion में होने वाली जरूरतों को पूरा करते हैं जोकि सही नहीं है।fashion की चीज़ों में वह अंख बन्द कर के खर्चा करते है फिर वह पैसा कही से भी आया हो भले उनके घर मे खाने की चीज़ें हो या न हो परंतु अपने फैशन में कमी नही करते अथवा हम यह भी कह सकते है की गरीब वर्ग के लोग fashionable लोगो की तरह जीने के लिए फैशन के हाथों मजबूर हो चुके हैं।अतः हम कह सकते हैं कि fashion का मानव जीवन तथा इससे लोगो के स्वस्थ पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

मानव जीवन पर Makeup का दुष्प्रभाव

फैशन के इस कलयुग में हर इंसान Fashionable होने के लिए खुद को अच्छा दिखाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है किसी भी हद तक दर्द बर्दाश्त सकता है। फिर चाहे वह मेकअप हो या वैक्सीन के द्वारा होने वाला कोई भी दर्द हो। खुद को attractive दिखने के लिए वह कुछ भी कर सकते हैं। तरह-तरह के experiment खुद पर करते रहते हैं।इस बात की परवाह किये बिना की कही उनकी skin खराब न हो जाये। कुछ लोगो को makeup का ज्यादा ज्ञान नही होता फिर भी वह अनेक तरह के product उपयोग करते हैं जिससे उनको समय से पहले बूढ़े दिखना शुरू हो जाता है, skin cancer हो सकता है तथा skin से जुड़ी अनेक तरह की बीमारियां हो जाती हैं।skin के साथ साथ आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है इससे आंखे खराब होने का भय रहता है।परंतु उनको नित्य नया look चाहिए होता है जिससे वह हर समय best दिखते रहे।ऐसा करने के लिए वह कुछ भी कर सकते है।

अधिकाधिक महिलाएं makeup के बाद भी अपने glamer look को लंबे समय तक बनाये रखने के लिए घर से बाहर जहा भी (शादी व पार्टी,विभिन्न प्रकार के समारोह या घूमने फिरने किसी भी जगह) जाती है।अपने हैंड बैग में अपनी जरूरी सामान के साथ makeup का सामान भी साथ लिए रहती हैं उसमें लिपस्टिक,मस्कारा,काजल,नेल पेंट्स आदि होता है।जिससे उनके बैग का वजन बढ़ जाता है।यह वजन उनके लिए घातक साबित होता है इससे कंधे ,गर्दन और हाथ मे दर्द शुरू हो जाता है जो लंबे समय तक रहता है।समय से पहले थकावट अनुभव होने लगता है।

मानव जीवन पर कपड़ो का दुष्प्रभाव

इसका प्रभाव सिर्फ makeup तक ही सीमित नही है।बल्कि रोज़ के दिनचर्या में उपयोग होने वाली हर चीज़ इसके अंतर्गत ही आती है।जिसमे रोज़ पहेनने वाले कपड़े हो या सैंडल आदि।समाज मे कई तरह के लोग लोग होते है और उनकी सोच व पसंद भी एक दूसरे से भिन्न होती है।

कुछ लोग ढीले कपड़े पहनते हैं ताकि वह आरामदायक रहे वहीं दूसरे तरफ बहुत से लोग ऐसे होते है जिनको टाईट कपड़े पहनने पसंद होता है ताकि वह हॉट दिखे और लोग उनकी तरफ आकर्षित हो सके इससे भले वो comfortable हो या न हो इस बात की परवाह नही होती।ऐसे पहनावे से अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं,चलने में सांस लेने में परेशानी होती है ,सिर दर्द का सामना करना पड़ता है,स्वास्थ बिगड़ जाता है।

उचित ज्ञान न होने के कारण लोगो का कपड़ो में लगा धन व्यर्थ हो जाता है।बेहद लोग में कपड़ो की समझ न होने की वजह से उनकी बजट पर भी असर पड़ता है।

कपड़ो के साथ उससे मैचिंग हील्स,शूज,स्लीपर और सैंडल्स भी काफी ट्रेंड में है। शूज और स्लीपर से ज्यादा कम कद वाले लोग सैंडल और हिल पहनना पसंद करते हैं जो पीछे से काफी ऊंची रहती है। वह लंबी देखने के लिए हाय हिल्स पहनती हैं इससे वह लंबी दिखती हैं परंतु इससे काफी नुकसान भी होते हैं।इसे लंबे समय तक पहनना बहुत मुश्किल होता है। एक लंबे समय तक पहनने की वजह से पैर के तलवे में दर्द होने लगता है पैर की एड़ी में दर्द होने लगता है। और यह पहनकर चलने में comfortable नहीं होता। इससे पैर मुड़ने और पैर में मोच आने का भय रहता है।

मानव जीवन पर फैशन का जो दुष्प्रभाव पड़ रहा है इसका जिम्मेदार खुद मानव ही है।मनुष्य चाहे तो फैशन को जितना चाहे उतना बढ़ावा दे सकता है और चाहे तो इसे रोक भी सकता हैं परंतु सभी की आंखों पर फैशन की ऐसी पट्टी बंधी है जिससे कोई भी उसका विरोध नहीं कर पा रहा है और ना करना चाह रहा है। फैशन हमारे लिए जितना हानिकारक है उतना ही लाभकारी भी है अतः हम सबको आवश्यकता के अनुसार ही फैशन के अनुरूप खुद को ढालना चाहिए।

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