डिजाइनर द्वारा कोई भी परिधान का डिजाइन अथवा रेखा चित्र बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण होता है कि उसकी बुनियादी तत्वों पर खास ध्यान दिया जाए। किसी भी चीज की अगर बुनियाद मजबूत और सबसे बेहतर होगी वह चीज आगे चलकर उतनी क बेहतरीन तरीके से तैयार होगी।
कोई भी डिजाइन बनाते समय इन सभी तत्वों की महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है इनके बिना रेखाचित्र का कल्पना करने का कोई फायदा ही नहीं है क्योंकि बिना इन तत्वों के शामिल हुए किसी भी परिधान को बनाने से असफलता के अलावा कोई निष्कर्ष ही प्राप्त नहीं होगा।
फैशन डिजाइन के सभी तत्व अगर व्यवस्थित ढंग से उसमें शामिल होंगे तो ही कोई भी रेखा चित्र को सफल बनाया जा सकता है अन्यथा अगर उसने एक भी तत्व कम होंगे तो उन तत्व का व्यवस्थित रह पाना कठिन हो जाएगा और संपूर्ण कार्य को अंजाम देने में बहुत सारी कठिनाई सामने आएगी।
फैशन डिजाइन के संपूर्ण तत्व जिस परिधान में शामिल होते हैं। वह परिधान अपने आपने यह दर्शाती है कि डिजाइन के तत्व किस तरह एक परिधान में एक दूसरे से संयुक्त है और एक दूसरे की मदद कर रही है लोगों को आकर्षित करने में। इसलिए एक सर्वोत्तम परिधान के लिए आवश्यक है कि यह सभी तत्व बहुत ही आसानी से एक दूसरे के साथ संयुक्त हो।
फैशन डिजाइन के संपूर्ण तत्वों में आकार भी एक महत्वपूर्ण तत्व है जिसके बारे में आज हम बात करेंगे।
आकार किसे कहते हैं? विस्तार पूर्वक बताएं।
किसी भी प्रधान की कल्पना करके एक कागज पर ढेर सारी रेखाओं को खींचकर उसकी आकृति तैयार करने के बात जो रेखा चित्र सामने आती है उसे उस परिधान का आकार कहते हैं।
आकार किसी भी वस्तु, परिधान अथवा किसी भी चीज के बाहर की दिखावट, बनावट और स्टाइल को दर्शाता है।डिजाइनर मानव शरीर के आकार के अनुसार कपड़ों को इस प्रकार रूप देते हैं कि पहनने के बाद वह परिधान मानव शरीर पर आराम से बैठ जाता हैं। पहनने के बाद उस परिधान का आकार, रूप, प्रकार और परिधान केे विभिन्न रेखाओं का दर्शन समझ आता है। प्रधान के लंबाई, चौड़ाई, परिधान का आकार, आस्तीन का आकार, उसकी लंबाई व चौड़ाई आदि सभी भागों के आकार का ज्ञात होता है।
आकार का उपयोग क्यों और कैसे किया जाता है?
किसी भी परिधान में आकार उपयोग किस लिए किया जाता है क्योंकि इस परिधान को पहनने वाले व्यक्ति के आकार के अनुसार हो ताकि पहले के बाद उस व्यक्ति को कोई भी परेशानी यह समस्या उत्पन्न ना हो।
आकार का उपयोग किसी भी व्यक्ति के शरीर के कुछ हिस्सों को हटाने और कुछ हिस्सों को उभारने के लिए भी किया जाता है। आकार किसी भी प्रधान की बनावट का वर्णन करता है।
सिल्हूट किसे कहते हैं?
परिधान की बाहरी आकृति को रेखाओं के माध्यम से एक रेखाचित्र के रूप में मनाया जाता है उसे सिल्हूट भी कहते हैं। सिल्हूट परिधान के अनुसार बदलते रहते हैं अथवा जितने प्रकार के परिधान होते हैं उतने ही प्रकार के सिल्हूट भी बनाए जाते हैं। सिल्हूट किसी भी परिधान कि आकृति को प्रशंसनीय बनाते हैं। यह परिधान के अलग-अलग भागों की व्याख्या करता है और उनके अंदाज को दर्शाता है।
आकार में रेखाओं का क्या महत्व है?
किसी भी कागज पर बिना रेखा खींचे किसी भी चीज की आकृति तैयार नहीं की जा सकती। इसीलिए आकार में रेखाओं का बहुत ही महत्व है किसी भी चीज का आकार रेखाएं खींच करके बनाया जा सकता है। किसी भी चीज अथवा परिधान का रेखाचित्र बनाने के लिए उस पर खींची गई रेखा कई तरह की होती है। किसी भी चीज का रेखा चित्र बनाने के लिए सीधी, लंबी, चौड़ी, तिरछी और घुमावदार आदि रेखाओ को खींचकर एक आकृति तैयार की जा सकती है।
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