होशियार ग्राहक की 8 खूबियां इस प्रकार है।

 एक होशियार ग्राहक जिस तरह से खरीदारी करता है उसके पास जो जो खूबियां होती है क्या वो आपके पास भी है?

अगर आप कभी खरीदारी करते समय कोई ना कोई समस्या हमेशा सामने आ जाती है। यदि आपकी भी खरीदारी सही से नहीं हो पाती और आप असंतुष्ट रहते हैं तो इसके लिए यह लेख बहुत ही लाभदायक हो सकती है।

क्या आपको लगता है कि खरीदारी करना सबको पसंद होता है?

मुझे ऐसा नहीं लगता।

मुझे लगता है कि सिर्फ अपनी पसंद की चीजों को खरीदना अपने विशेष लोगों के लिए विशेष चीजें खरीदना सबको पसंद होता है। ऐसी चीजों को लोग बहुत ही उत्साह और दिलचस्पी के साथ खरीदते हैं।

खरीदारी करना लड़की से ज्यादा लड़कियों को पसंद होता है। फिर तो कुछ लोगों की पसंद इतनी अच्छी होती है कि उनकी किसी को पसंद है। फिर दूसरी ओर कुछ लोगों का पसंद ऐसा होता है कि खरीदने के बाद उन्हें वह चीज खुद ही पसंद नहीं आती। फिर बाद में सामान लेकर वह पछताते हैं।

आप जब बाजार में जाती है तो हर दुकान दार आपको हर चीज के बारे में बढ़ा चढ़ा कर बताते। उसकी तारीफ भी करते हैं ताकि लोग खुश होकर उसे खरीद लें।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें इन सभी चीजों का ज्यादा ज्ञान और अनुभव होता है। होशियार दुकानदार के साथ अपनी चालाकी से सौदेबाजी करके बहुत सस्ते में ही हर चीज को ले जाते हैं।

परंतु कुछ लोग जिन्हें इन सब चीजों का ज्यादा ज्ञान नहीं होता वे लोग दुकानदार के झांसे में आ जाते हैं और चालाक दुकानदार ग्राहक को मूर्ख बना कर उन्हें वह चीज लेने पर मजबूर कर देते हैं।

इसीलिए खरीदारी करते समय हर चीज को ठीक प्रकार से देख कर और सोच विचार ही लेना चाहिए अन्यथा नहीं। उसके बाद भी आपको समझ में नहीं आ रहा और आप उलझन में हैं तो उस चीज को छोड़ दें।

खरीदारी करते समय बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो खूबसूरत लगती है जरूरी नहीं है कि वह हमारे लिए उपयोगी हो। ऐसी चीजों को अमीर लोग ही खरीदते हैं जिनके पास बहुत सारे पैसे होते हैं वो खर्च करने से पहले जरा भी नहीं सोचते।

परंतु मध्यम और निम्न वर्ग के लोग उस चीज को सारी बातें करके कम से कम दाम में लेंगे वरना नहीं। उन्हें अपने बजट को ध्यान में रखते हुए हर चीज के साथ समझौता करना पड़ता है।

एक होशियार ग्राहक बनने के लिए निम्न गुणों का होना अति आवश्यक है ये गुण अथवा खूबियां खरीदारी करते समय जीवनभर आपके लिए मददगार साबित हो सकती है।

1.लिस्ट कितना जरूरी है?
बाजार जाने से पहले जो भी जरूरत के सामान को खरीदना है उसका एक लिस्ट तैयार कर ले ताकि आपको मार्केट जाने के बाद कोई भी परेशानी का सामना ना करना पड़े।
मार्केट में इतनी ढेर सारी चीजें होती है जिसे देखकर हर कोई उलझन में आ जाता है और जो चीज लेने जाता है वो अक्सर भूल जाता है इसके लिए आपके पास होगा तो आप कोई भी चीज भूलेंगे नहीं।
मान लीजिए आप मार्केट जाने के बाद कोई जरूरी चीज भूल जाते हैं और वो याद नहीं आ रहा है कि क्या था? क्या था ?
याद करने में आपका अधिक समय बीत गया और आपको याद नहीं आ रहा है। अधिक समय बाद आपको याद आया कि आपको यह चीज लेनी थी जवाब अभी तक नहीं ले पाए।
 इससे आपका अधिक समय भी व्यर्थ जा रहा है और आपका ही नुकसान हो रहा है।
ईस्ट का यही फायदा होता है हर चीज में लिखी हुई होती है आपको क्या लेना है और क्या नहीं। लिस्ट के आधार पर आप सीधा उसी दुकान पर जाएंगे जहां पर वह चीज आसानी से उपलब्ध हो। इससे आपका समय और ऊर्जा दोनों ही बच जाएगा।

 2.वस्तु का रंग कैसा है?
रंगो का महत्व हर जगह और हर चीज में होता है। खूबसूरत रंग की साधारण चीज भी खूबसूरत लगती है। फिर चाहे खूबसूरत किसी कपड़े कहां वस्तु का हो।
कपड़ों के मामले में हर कोई ऐसे रंग ढूंढता है जो सिर्फ खूबसूरत ही नहीं बल्कि अनोखे भी हो। 
अगर आप गाढ़े रंग केकपड़ों को खरीद रही इसमें बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि काला रंग के कपड़ों को धुलने पर बहुत जल्दी गिर जाता है और कपड़ा फीका पड़ जाता है।

3.क्या आप संतुष्ट नहीं हैं?
बाजार में आप अपनी जरूरी वस्तुओं को खरीदना है वह चीज आपके पसंद की नहीं है। उसका रंग अथवा डिज़ाइन वैसा नहीं है जैसा आपने सोचा था। 
आपको बहुत ही सोचने और विचार करने पर भी यह समझ नहीं आ रहा है कि इस चीज को खरीदे या नहीं। अपनी जान को कैसे दूर करें?
इसकी दो ही रास्ते या तो आप भी चीज दूसरी दुकान पर ढूंढने की कोशिश कीजिए। अगर वहां भी आपको पसंद नहीं आ रहा है तो उस चीज को मत लीजिए उसे वहीं छोड़ दीजिए।
मुझे ऐसा लगता है कि पसंद की चीज ना मिले तो उसे खरीदना बेहतर नहीं है।

4.सौदेबाजी कैसे करें?
क्या आपको सौदेबाजी करना आता है?
अगर आप खरीदारी करते समय सौदेबाजी करते हैं तो आपके बहुत सारे पैसे बच सकते हैं।
सौदेबाजी करना इसलिए भी आवश्यक होता है क्योंकि हर दुकानदार प्रत्येक चीजों का मूल्य 2 से 3 गुना बढ़ाकर बताते हैं। फिर चाहे वह कपड़े का मूल्य हो या किसी अन्य वस्तु का। इसीलिए उसका मूल्य आधे से कम पर ही तय करना चाहिए। 
आप जब भी कोई चीज खरीदें तो सबसे पहले उस चीज की गुणवत्ता को देखें और उसकी बनावट को भी ध्यान में रखते हुए ही यह तय करें उसका मूल्य कितना होना चाहिए।
अगर आप दुकानदार को उसकी मुंह मांगी कीमत दे देंगे तो आपको वह ठग लेगा।
अगर आप माल से खरीदारी करते हैं तो सबसे पहले वहां के प्रस्ताव और छूट पर सबसे पहले ध्यान दें उसके अनुसार खरीदारी करें।

5.यह वस्तु बजट में है?
खरीदारी करते समय हमेशा अपने बजट को ध्यान में रखते ही हर एक चीज को खरीदें। जो वस्तु आपके बजट में नहीं है या फिर बजट में शामिल होते हुए भी बहुत महंगी है तो उस चीज को न खरीदें। बल्कि उसकी जगह कोई सस्ती और टिकाऊ चीज ही ले जो काम चलाऊं हो।
 जरा सोचिए कि अगर आप कोई बहुत ही महंगी वस्तु खरीद लेते हैं जिसे आप खरीदना चाहते हैं और जो आपको बहुत पसंद है तो बाद मे पूरे महीने आपको अपने बजट में शामिल हर चीज को लेकर समझौता करना पड़ेगा है। जिससे काफी समस्या उत्पन्न होती हैं।

6.यह गुणवत्ता वाले हैं?
बाजार में जाने के बाद कोई भी चीज खरीदते समय सबसे पहले उसके गुणों पर ध्यान देना चाहिए।
 अगर आप कोई कपड़ा खरीद रहे हैं तो उसके रंग, डिजाइन और बनावट को ध्यान में रखते हुए ही खरीदे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह कपड़  आपके बजट में है या फिर नहीं।
और अगर आप कोई आवश्यक वस्तु खरीदनी है तो सबसे पहले या देखेंगे वह कितनी मजबूत और टिकाऊ है। उसके रंग और बनावट कैसी है, देखने में खूबसूरत है या नहीं? और सबसे महत्वपूर्ण बात कि इस चीज को कितने लम्बे समय तक हम उपयोग कर सकते हैं।
सभी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको ऐसी चीज प्राप्त होगी जिसे करने के बाद आपको पछताना नहीं पड़ेगा।

7. रिटर्न पॉलिसी क्यों जरूरी है?
 मॉल में खरीदारी करने के बाद अगर कोई सामान खराब निकल जाता है तो उसे वापस करने के लिए रिटर्न पॉलिसी जरूरी है।
इसीलिए खरीदारी करने के चक्कर में बहुत सारे लोग रिटर्न पॉलिसी के बारे में संपूर्ण जानकारी लेना भूल जाती है इस बात का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इसकी जरूरत कभी भी पड़ सकती है।
साथ ही उस चीज की गारंटी कितनी है उसका भी ध्यान देना चाहिए। ताकि सामान में कोई खराबी निकल आने पर समय रहते उसे बदला जा सके।

8. खरीदारी करते समय सावधानी बरतें

खरीदारी करते समय अगर आप अपना पूरा ध्यान उसी में लगाएंगे तो आप को हर चीज बेहतर प्राप्त होगी।

साथ ही हर मामले में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि बाजार में अक्सर सामानों की चोरी होती रहती है किसी का पर्स तो किसी का मोबाइल चोरी हो जाता है या फिर वही पर गिर जाता है इसलिए कहते हैं कि सावधानी हटी दुर्घटना घटी।

खरीदारी करने के लिए हमेशा अधिक समय निकालकर ही घर से जाना चाहिए क्योंकि जल्दी-जल्दी में कोई न कोई सामान छूट ज्यादा है और मनचाहा वस्तु मिल नहीं पाता और हड़बड़ी में लोग जो मिलता है उसे खरीद लेते हैं और बाद में पछताते हैं।

निष्कर्ष
उपरोक्त इस लेख में बहुत ही आसान और सामान्य बातें बताई गई है शॉपिंग करने आपके काफी मदद कर सकते हैं।
अधिकतर लोग ढेर सारी खरीदारी करते समय हमेशा कुछ ना कुछ भूल जाते हैं आपकी खरीदारी को पूरा करने में इस लेख में उपलब्ध बातें आपकी मदद कर सकती हैं।
आशा है कि आप को मेरा आर्टिकल पसंद आया होगा मेरा लेख  हिंदी में पढ़ने के लिए सब्सक्राइब कर दीजिए और पसंद आया हो तो लाइक और शेयर करना प्लीज मत भूलिएगा।

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