लड़कों के इंडो वेस्टर्न स्टाइल में सबसे ज्यादा महत्व कुर्ते को दिया जाता है यह कुर्ता भारतीय लड़कों का प्रमुख परिधान ही नहीं है बल्कि भारतीय परंपरा में शामिल भी है या कुर्ता लड़कों के लिए भारतीय पारंपरिक पोशाक है जिसकी लंबाई घुटने के नीचे तक होती है। यह कुर्ता भारतीय लड़कों का खास परिधान बताता है जो खास मौकों पर पहना जाता है।
भारत में लड़कों से लेकर पुरुष तक सभी कुर्ते को बहुत महत्व देते हैं जिनके कारण कुर्ता कभी भी फैशन की दुनिया से बाहर नहीं होता है लेकिन इसके फैशन दिन प्रतिदिन उठता रहा है। भारत के सभी शहरों-कस्बों के युवा पीढ़ी में कुर्ते को लेकर अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। दिन प्रति दिन कुर्ती पहनने का स्टाइल प्रकार और डिजाइन में परिवर्तन देखने को मिलता है यह पहले से बदल कर नया और उसका अंदाज़ सभी से अनोखा ही नहीं बल्कि उनका पूरा अंजज भारतीय पारंपरिक भी लगता है।
अगर आपको लगता है कि कुर्ते का पहनावा बहुत पुराना हो गया है तो आप गलत है। आप बाजार में चले गए जाइए तो देखें कि आज के समय में कुर्ते के स्टाइल व डिजाइन में कई नए मॉडर्न और स्टाइलिश डिजाइन बाजार में अवेलेबल है जिसे देखकर यह कहना मुश्किल है की कुर्ता जमाना गया। अगर आप इस साल शादियों में इंडो वेस्टर्न कुर्ता पहनना चाहते हैं तो आज आपकी बहुत सारी शंकाएं इस लेख के जरिए दूर हो सकती हैं। कुर्ता कब और कैसे पहने जिससे हर व्यक्ति आपकी तरफ आकर्षित हो जाए। किस तरह करते हैं पर अच्छे लगेंगे इन सभी समस्याओं का समाधान को बताया जाएगा।
कुर्ते की लंबाई कितनी होनी चाहिए
कुर्ती की लंबाई की बात करें तो यहां कुर्ती की लंबाई दो प्रकार की होती हैं पहले तो लघु कुर्ता जोने के ऊपर तक होता है।] शॉर्ट कुर्ते को जींस के साथ ज्यादा पहना जाता है जींस के अलावा पैंट क पजामी के साथ भी इसे पहनते हैं। कॉलेज जाने, नमाज के लिए और छोटे-मोटे अवसर पर लघु कुर्ते को ही महत्व दिया जाता है।
वहीं दूसरी तरफ लॉन्ग कुर्ते की बात करें तो इसे शादी वगैरा में शेरवानी आदि के तौर पर पहना जाता है। इसकी लंबाई घुटने के नीचे तक की होती है। यह कुर्ता बहुत ही परंपरागत होता है।
वैसे तो लड़कों पर दोनों तरह के कुर्ते अच्छे लगते हैं और दोनों तरह के कुर्ते फैशनेबल और स्टाइलिश भी होते हैं।परन्तु यह लड़कों की पसंद और व्यक्तित्व पर निर्भर करता है कि वे किस तरह के कुर्तो का चयन करते हैं।
कुर्ते पजामे के साथ जैकेट, कोट अथवा सदरी काफी हद तक अच्छी लगती है। इसके प्रकार, डिजाइन व स्टाइल भी अनोखा और आकर्षक है। इसकी विविधता कई तरह की होती है और इसमें परिवर्तन भी पाया जाता है। कुर्ते व पजामे के पूरे परिधान को यह अलग अंदाज पेश करता है जो देखने में बेहद स्टाइलिश और फैशनेबल लगता है।
कुर्ते के रंग का चयन ऐसे करें
कपड़ा किसी भी प्रकार का है सबसे महत्वपूर्ण यह होता है कि उस कपड़े का रंग कैसा होना चाहिए? यह बात कपड़े पहनने वाले पर निर्भर करती है उसके पसंदीदा रंग कौन सा है और उसके ऊपर कौन सा सबसे ज्यादा अच्छा लगता है। दरअसल हर व्यक्ति को अपने त्वचा के रंगों के हिसाब से अपने कपड़ों का रंगों का चयन करना चाहिए। अगर आपके त्वचा का रंग गहरा है तो आप पर हल्के के रंग के कपड़े ही अच्छे लगेंगे और आपका रंग साफ है आप गोरे है तो हमके रंग के कपड़े का चुनाव सकते हैं।
सही फिटिंग होता है आवश्यक
कुर्ते की फिटिंग सही ना होने से पूरे शरीर का हाव भाव बदल जाता है। यहां तक कि व्यक्तित्व पर बुरा असर पड़ता है। दूसरों को प्रभावित करने के लिए और आकर्षित दिखने के लिए यह जरूरी है कि कुर्ती और आस्तीन की लंबाई के साथ साथ आस्तीन और कुर्ते की फिटिंग भी उत्तम हो। अन्यथा आपका परिधान दूसरों के बीच हादसे का कारण भी बन सकता हैं।
कुर्ती की फिटिंग में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया जाता है कि कलर परफेक्ट हो अथवा कॉलर ढीला व कसा न हो, आस्तीन की लंबाई और फिटिंग अच्छी हो और कुर्ते की फिटिंग सिर्फ देखने में ही नहीं बल्कि पहनने पर भी उत्तम हो। कोई भी नया कुर्ता सिलवाने के बाद अथवा खरीदने से पहले उसे पहन कर देख ले कि पहनने के बाद आरामदायक है कि नहीं फिर उसके बाद खरीदें।
जूते वह अन्य आवश्यक सामान
कुर्तो के कलर और डिज़ाइन को ध्यान में रखते हुए जूतों वदलल का चयन करना चाहिए। इन सभी का चयन करते समय सबसे आवश्यक बात यह है कि पैरों का सही नाप होना चाहिए और उसकी फिटिंग अच्छी होनी चाहिए। लघु कुर्ती के साथ लोफर, स्नीकर और अन्य जूतों को पहन सकते हैं काफी स्टाइलिश और सिंथेटिक देखने में मदद करेंगे। हालांकि लावग कुर्ते के या शेरवानी के साथ जूती व मोजड़ी आकर्षक लगेगी।अपने व्यक्तित्व निखारने के लिए और दूसरों को प्रभावित करने के लिए इस तरह के जूतों का चयन करना सही होगा। जूतों के अलावा ऐसी कई चीजें हैं जो पूरे अंदाज़ को बदल देने का हुनर रखते हैं। ऐसा बिल्कुल हो सकता है यदि आप सही बात का उपयोग सही समय पर करें तो। शादी में पहनने वाले कुर्ते के साथ पगड़ी या साफा बांधने से आपके अंदाज में परिवर्तन आ सकता है इसके अलावा आप कुर्ते पजामे के साथ दुपट्टे का भी चयन कर सकते हैं। इससे भी आपके बेहतरीन अंजज में कोई कमी नहीं आगी।
इसके साथ शेरवानी पर ब्रोच, हाथ में घड़ी और गले में मोती का हार अथवा सोने व चांदी की चेन पहनने लेने से ऐसा प्रतीक लग रहा है कि किसी की खूबसूरती मुकम्मल हो जाए। मेकअप का सामान सिर्फ लड़कियों के लिए ही नहीं बल्कि लड़कों के लिए भी होता है अगर सही तरीके से उसे पहना जाए तो आपके लिए भी बहुत आकर्षक शौक है। कुर्ता एक ऐसा पहनावा है जो हमारे भारत देश में किसी भी धर्म और जाति के लोग पहनते हैं। इन सभी स्टेशनरी चीजों को पहन लेने से न सिर्फ हमारे देश की संस्कृति और परम्परावेयर होगा बल्कि हमारे अच्छे चरित्र और व्यक्तित्व की पहचान भी होगी।
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