{Impact} of fashion on students' life

विद्यार्थी का संधि-विच्छेद होता विद्या है-विद्या+अर्थी।विद्या का ज्ञान होना हर मनुष्य के लिए आवश्यक है।विद्या ग्रहण करने की कोई आयु नही होती है।विद्या के बिना हर व्यक्ति का जीवन अधूरा है।जो बालक विद्यालय जा कर विद्या प्राप्त करता है,उसको "विद्यार्थी" कहते हैं।
विद्यार्थी अत्यधिक परिश्रम करके विद्या प्राप्त करता है।और अपना अत्यधिक समय विद्या ग्रहण में व्यतीत करता है। विद्यार्थी अपना पूरा मन अर्थात रुचि के साथ बिना अपना समय व्यर्थ किए अपने विद्या का अध्ययन करता  है और भविष्य में  एक आदर्श विद्यार्थी बनता है।
फैशन का एकमात्र उद्देश्य होता है किसी भी वस्त्र को अत्यधिक खूबसूरती के साथ सजाएं।ताकि देखने व खरीदने वालों को एक ही नजर में पसंद आ जाए।परन्तु,आज के समय में बालक हो या अन्य कोई व्यक्ति सब फैशन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।सारे विद्यार्थियों का मन फैशन में और इस चीज़ में लगा रहता है कि वो कैसे खुद को सुन्दर ,आकर्षित तथा दूसरो से अलग लगे।

फैशन का विद्यार्थियों के जीवन पर दुष्प्रभावदुष्प्रदुष्प्रभावभाव

आधुनिक समय में फैैशन का प्राभाव हर मनुष्य पर पड़ रहा है परन्तु मनुष्य की अपेक्षा बालक् अथवा विद्यार्थी पर इसका असर ज्यादा पड़ रहा है। 
अत्यधिक विद्यार्थी अपना महत्वपूर्ण समय अध्ययन करने में व्यतीत नही करते बल्कि फैशन से जुड़ी पुस्तको,अखबारों और पत्र-पत्रिकाओं को पढ़ते हैं।वे टेलीविजन मे फिल्म,नाटकआदि देखते हैं।और अपने पसंदीदा कलाकारों के पोशाक पर विचार विमर्श कर के उन्हें अनुसरण करते हैं।उनकी रुचि अध्ययन में कम और फैशन से जुड़ी चीज़ों में ज्यादा लगता है।इन सब में उनका पूरा दिन बीत जाता है और पढ़ाई व अध्ययन करने का समय नही मिल पाता।धीरे-धीरे दिन से महीने बीत जाती ह और परीक्षाएं निकट आ जाती है जिसमे कुछ विद्यार्थी सफल व कुछ असफल हो जाते हैं।जो असफल हो जाते है उनका पूरा साल व्यर्थ हो जाता है जिसका प्रभाव उनके भविष्य पर पड़ता है।



इसीलिए विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।जब वह विद्या को फैशन से ज्यादा महत्व देंगे तभी जीवन के हर परीक्षा में सफल हो पाएंगे।माता-पिता तथा शिक्षको का भी कर्तव्य बनता है की विद्यार्थियों को सही राह की ओर अग्रसर करे।क्योंकि वे जानते है कि ये आयु फैशन की नही अर्थात विद्या ग्रहण करने की है। कोई व्यक्ति हो या विद्यार्थी फैशन तो किसी भी आयु में कभी भी कर सकता है परंतु किसी भी विद्यार्थी के यह समय विद्या ग्रहण करने का उचित समय होता है।
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